जब कोई छात्र पढ़ाई के लिए लोन लेना चाहता है, सबसे पहला सवाल आता है। मुझे कितने रुपये तक लोन मिल सकते हैं? - उत्तर एकदम सादा नहीं होता, क्योंकि लोन-राशि कई बातों पर निर्भर करती है: कोर्स का खर्च, बैंक की नीति, गारंटर/सिक्योरिटी, और सरकारी स्कीमें। इस लेख में सरल भाषा में बताऊँगा - घरेलू पढ़ाई और विदेश पढ़ाई में आम तौर पर कितना लोन मिलता है, किन शर्तों पर और कैसे आप ज्यादा सुरक्षित तरीके से लोन पा सकते हैं।

स्टूडेंट को कितना लोन मिल सकता है?

बेसिक नियम - RBI / IBA का फ्रेमवर्क (सबसे अहम)
- RBI और IBA (Indian Banks’ Association) के मॉडल के अनुसार, शिक्षा लोनों पर सामान्य नियम यह है कि ₹4 लाख तक के लोन के लिये बैंक सामान्य रूप से कोई collateral (संपत्ति गिरवी) नहीं माँगते। यह बैंकिंग प्रैक्टिस का एक नियमित हिस्सा है।
- कुछ मामलों में सरकार की गारंटी (CGFSEL) के तहत बिना कोई सिक्योरिटी के भी ₹7.5 लाख तक तक के लोन पर कवर/गारंटी मिल सकती है। यह विशेष योजनाओं और शर्तों पर निर्भर है।
घरेलू (India) पढ़ाई के लिये कितना मिल सकता है?
- छोटी-मध्यम फीस वाले कोर्स (स्थानीय कॉलेज/डिप्लोमा/UG/PG): बैंक आमतौर पर इस प्रकार के खर्च के लिये लागत के अनुसार लोन देते हैं। सामान्यतः ₹50,000 से लेकर ₹4–7.5 लाख तक की रकम बिना भारी गिरवी के मिल सकती है। आवश्यकता, संस्थान की प्रतिष्ठा और कोर्स-कॉस्ट पर निर्भर। RBI के नियम के अनुसार ₹4 लाख तक collateral-free माने जाते हैं; ₹4–7.5 लाख में गारंटर या अतिरिक्त शर्त लग सकती है।
- प्रोफ़ेशनल/विशेष कोर्स (मेडिकल, इंजिनियरिंग, MBA आदि) - प्रतिष्ठित संस्थान: यदि संस्थान टॉप-क्वालिटी है (IITs, IIMs, NITs, कुछ चयनित विदेशी/घरेलू संस्थान), तो बैंक अधिक राशि भी दे सकते हैं। कई बड़े बैंक विशेष स्कीमें रखते हैं और कुछ मामलों में ₹10 लाख से ऊपर भी अनुग्रह (need-based) लोन उपलब्ध होते हैं। IBA के मॉडल में भी विभिन्न श्रेणियाँ और अधिकतम सीमा निर्दिष्ट हैं।
विदेश में पढ़ाई (Study Abroad) के लिये कितना मिल सकता है?
- विदेशी अध्ययन के लिये बैंक-प्रोडक्ट अलग होते हैं। कुछ प्रमुख बैंक विदेश पढ़ाई के लिये बड़े-आकार के लोन देते हैं। उदाहरण के लिये SBI का Global Ed-Vantage स्कीम select संस्थानों के लिये collateral-free up to ₹50 लाख और कुछ मामलों में और भी ज्यादा (loan up to ₹3 crore) तक की सुविधा देती है। कुल मिलाकर विदेश के लिये आपकी जरूरत और संस्थान के आधार पर लाखों तक का लोन संभव है।
कितना बिना सिक्योरिटी के मिलेगा
- ₹4 लाख तक: सामान्यतः बिना collateral। (RBI/IBA guideline)।
- ₹4 लाख से ₹7.5 लाख के बीच: आमतौर पर बैंक किसी third-party guarantor या अतिरिक्त सुरक्षा की मांग कर सकते हैं (बैंक नीति पर निर्भर)।
- ₹7.5 लाख से ऊपर: अक्सर tangible collateral (property, FD, NSC, आदि) माँगा जाता है। पर कुछ select संस्थानों/प्रोग्रामों के लिये बैंक collateral-waiver दे देते हैं।
सरकारी सहायता और गारंटी-स्कीमें (कुछ छात्रों के लिये मददगार)
- CGFSEL (Central Government Guarantee for Education Loans): केंद्र सरकार ने कुछ परिस्थितियों में कॉलेज-education loans पर गारंटी उपलब्ध कराई है, जिससे बैंक बिना बहुत अधिक सिक्योरिटी के लोन दे सकते हैं। यह छूट और कवर कुछ हद तक ₹7.5 लाख तक तक लागू रहता है (योजना-नीति के अनुसार)।
- Interest subsidy schemes: कुछ केन्द्रीय योजनाएँ (ज़रूरत के हिसाब से) interest subsidy उपलब्ध कराती हैं - उदाहरण के लिये कुछ students के लिये loans पर केंद्र/स्टेट स्तर पर सब्सिडी के नियम हो सकते हैं; यह पाठ्यक्रम और आय-श्रेणी पर निर्भर है। (बैंक/सरकारी दिशा-निर्देश देखें)।
छात्र के लिए practical उदाहरण (तुरंत समझने के लिए)
- यदि आपका course-cost = ₹3 लाख (India में एक साल का MBA शुल्क मान लें) → बैंक ₹3 लाख तक बिना गिरवी दे सकता है (₹4-lakhs rule के भीतर) - पर co-applicant (माता-पिता) की income और CIBIL भी देखेंगे।
- यदि आप US/UK में 3 साल का पूरा खर्च ₹30 लाख चाहते हैं - SBI/कुछ private बैंक यह देखेंगे: admit, fee structure, collateral/parental guarantee और फिर loan sanction कर सकते हैं (कई बार ₹50 लाख तक collateral-free for select institutes या उच्च collateral के साथ crore तक)।
आवेदन कैसे करें - आसान Steps
- इंस्टिट्यूशन का admission-letter और fee-breakup रखिए।
- Aadhaar, PAN, पासपोर्ट-साइज़ फोटो, और माता-पिता/गुणर का income proof तैयार रखें।
- बैंक की education-loan page पर eligibility चेक करें (SBI/Canara/PNB/HDFC आदि)।
- यदि आपका खर्च ₹4 लाख से ऊपर है, तो co-applicant/guarantor और collateral की सम्भावना मान कर रखें।
- सरकारी गारंटी/सब्सिडी के लिये उपलब्ध स्कीमें भी चेक करें (CGFSEL, Central subsidy schemes)।
आसान सुझाव - कैसे अधिक लोन पाने के मौके बढ़ाएँ
- माता-पिता/guardian का अच्छा CIBIL और steady income हो तो बैंक भरोसा करता है। इससे higher amount मिलना आसान होता है।
- अगर आप टॉप-कॉलेज/प्रोग्राम में हैं (IIT, IIM, select foreign universities), बैंक often higher amount और बेहतर terms देते हैं।
- Collateral (जैसे property या FD) उपलब्ध कराएँ। इससे बैंक बड़ी राशि पर जल्दी हाँ कर देते हैं।
- सरकारी गारंटी/interest subsidy के लिए पात्रता चेक करें। इससे कम लागत पर लोन मिल सकता है।
FAQs (साधारण प्रश्न और छोटे उत्तर)
Q: छात्र को सामान्यतः कितना लोन मिल सकता है?
यह तय नहीं है—कोर्स-खर्च, कॉलेज की मान्यता,
बैंक की नीति और आपका co-applicant (माता-पिता) तय करते हैं। आमतौर पर छोट/मध्यम कोर्स के लिए ₹50,000 से ₹4 लाख तक बिना सिक्योरिटी मिलना सामान्य है;
₹4–7.5 लाख पर गारंटी या अतिरिक्त शर्तें लग सकती हैं;
बड़े कोर्स/विदेश पढ़ाई के लिए लाखों तक लोन मिल सकता है।
Q: मुझे लोन के लिए क्या-क्या दस्तावेज जरूरी होंगे?
आमतौर पर, Admission/Offer Letter, फीस-ब्रेकअप,
पिछले qualifying exam की Marksheet, Aadhaar, PAN, माता-पिता/Co-applicant के income proof (salary slips/ITR), और बैंक-स्टेटमेंट। बैंक अलग-अलग दस्तावेज माँग सकते हैं। आवेदन से पहले उनकी चेकलिस्ट देख लें।
Q: क्या बिना गारंटर या गिरवी के लोन मिल सकता है?
हाँ, कई बैंकों के अनुसार ₹4 लाख तक के education loans अक्सर बिना collateral (गिरवी) दिए जाते हैं। पर ₹4 लाख से ऊपर के लिए बैंक guarantor, third-party security या collateral माँग सकते हैं। नीति बैंक-विशेष होती है।
Q: विदेश में पढ़ाई के लिए छात्र लोन कितना मिलता है?
विदेश पढ़ाई के लिए बैंक बड़े-अकथित लोन देते हैं। कुछ बैंक select संस्थानों के लिए करोड़ों तक की सुविधा भी देते हैं (पर collateral/guarantee के साथ)। SBI जैसे बैंक की अलग-सीमाएँ और प्रोडक्ट होते हैं (उदा. Global Ed-Vantage)। आवेदन से पहले बैंक से विशेष शर्तें और सीमा पूछें।
Q: लोन मिलने के चांस कैसे बढ़ाऊँ?
- मजबूत co-applicant रखें (माँ-पिता की steady income और अच्छा CIBIL)
- admission और fees-breakup साफ रखें
- reputed कॉलेज/recognized course पर apply करें
- सभी डॉक्यूमेंट समय पर और सही तरीके से जमा करें
- यदि संभव हो तो कुछ collateral दें, इससे बैंक विश्वास बढ़ता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
स्टूडेंट को मिलने वाला लोन केवल एक फिक्स्ड-नम्बर नहीं होता। यह कोर्स-खर्च, संस्थान, बैंक नीति, co-applicant और उपलब्ध/गैर-गिरवी विकल्पों पर निर्भर करता है। छोटे-मध्यम कोर्स के लिए अक्सर ₹4 लाख तक बिना सिक्योरिटी के आसानी से मिल सकता है; ₹4-7.5 लाख पर guarantor या अतिरिक्त शर्तें आ सकती हैं; और उच्च-कॉस्ट विदेश या प्रतिष्ठित कोर्स के लिये बैंक लाखों-करोड़ तक का लोन उपलब्ध करवा सकते हैं (सिक्योरिटी/गारंटी के साथ)। आवेदन करने से पहले संस्थान-offer, फीस-ब्रेकअप और बैंक की आधिकारिक डॉक्यूमेंट-लिस्ट ध्यान से पढ़ें, और जहाँ संभव हो तो co-applicant’s strong profile रखें। इससे लोन मिलने की सम्भावना और शर्तें बेहतर होंगी।
Resources (ऑफिशियल / भरोसेमंद पृष्ठ)
- Reserve Bank of India: Education Loan FAQs (Model Education Loan Scheme, collateral rule)। (Reserve Bank of India)
- Ministry of Education / CGFSEL: Central Government guarantee for education loans (official). (Education Ministry of India)
- State Bank of India: Education loan products (Study-Abroad, Scholar Loan, Global Ed-Vantage)। (State Bank of India)
- IBA (Indian Banks’ Association): Model Education Loan Scheme (PDF/guidelines)। (Higher Education Tripura)
- Axis Bank / Other bank pages: RBI guidelines and practical notes on collateral and subsidy. (Axis Bank)
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। वास्तविक योग्यता, रक़म और शर्तें बैंक/एनबीएफ़सी और सरकारी नियमों के अनुसार बदल सकती हैं। लोन लेने से पहले संबंधित बैंक/लेंडर की आधिकारिक वेबसाइट और शाखा से सत्यापित जानकारी लें और आवश्यक होने पर प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।