PM मुद्रा लोन में कितना ब्याज लगता है?

Pradhan Mantri MUDRA Yojana (PMMY) के तहत छोटे-माइक्रो उद्यमों को बिज़नेस लोन दिए जाते हैं पर ब्याज दर हर जगह एक जैसी नहीं होती यहाँ मैं आसान भाषा में बताऊँगा कि ब्याज कैसे तय होता है, आम रेंज क्या रहती है, किन बातों पर ज़्यादा या कम दर मिल सकती है, और कुछ वास्तविक EMI उदाहरण भी दूँगा ताकि आपको साफ़ अनुमान मिल सके आधिकारिक नियम और बैंक-उदाहरण नीचे दिए स्रोतों पर आधारित हैं 

PM मुद्रा लोन में कितना ब्याज लगता है?
PM मुद्रा लोन में कितना ब्याज लगता है?

सामान्य बात - ब्याज कौन तय करता है?

Mudra लोन की अंतिम ब्याज दर Member Lending Institutions (बैंक/ NBFCs) तय करते हैं Mudra अथवा सरकार सीधे एक-फिक्स्ड ब्याज नहीं देती, बल्कि scheme के फ्रेमवर्क के अनुसार बैंक अपनी lending policy और RBI दिशानिर्देश के अनुसार दर तय करते हैं इसलिए ब्याज बैंक-से-बैंक बदलता है 

सबसे महत्वपूर्ण (लोड-बेयरिंग) बातें

  • Mudra.org और सरकारी पन्ने साफ कहते हैं कि ब्याज Member Lending Institutions द्वारा घोषित होता है 
  • बाज़ार-साइट्स और बैंक-डैशबोर्ड पर सामान्य रेंज अक्सर 8.8% -13% के बीच दिखाई देती है, पर विशेष बैंक/प्रोडक्ट पर यह ज़्यादा भी हो सकता है 

इसलिए PM मुद्रा लोन में एक निश्चित ब्याज नहीं कह सकतेआपको जिस बैंक से लोन लेना है, वही दर बताएगा

Mudra पर आम-रेंज - बाजार में क्या दिखता है?

ऑनलाइन बैंकिंग-मैनुअल और comparison साइट्स के अनुसार Mudra-loans की सामान्य शुरुवाती दरें लगभग 8.8%–12% के बीच दिखती हैं; किन्हीं बैंकों में प्रोफ़ाइल और जोखिम के आधार पर दर 13%-15% या उससे ऊपर भी हो सकती है इसलिए सबसे ज़रूरी है कई बैंकों के offers तुलना कर लेना। 

Read: प्रधानमंत्री की 10 लाख की लोन योजना क्या है?

बैंक-उदाहरण - कुछ तरीक़े जिनसे बैंक दर बताते/लिंक करते हैं

  • कई बड़े बैंक Mudra-लोन की pricing EBLR / RLLR / Base rate + spread के आधार पर बताते हैं उदाहरण के लिए SBI की PMMY-related pricing को external benchmark से link करना दिखता है। Bank of Maharashtra ने RLLR + spread जैसा formula दिखाया है इसका मतलब: अगर बैंक का base/benchmark घटे-बढ़ेगा तो आपकी Mudra-rate पर भी असर होगा 
  • Regional Rural Banks (RRBs) और कुछ बैंक-शाखाओं के लिये Mudra-refinance से जुड़े cap/rules भी लागू होते हैं। यह भी दर तय करने पर असर डालता है 

ब्याज पर असर डालने वाले मुख्य कारण (सरल शब्दों में)

  • लेंडर (Bank/NBFC) की policy - हर लेंडर की risk-appetite अलग
  • आपकी प्रोफ़ाइल - credit history, business vintage, turnover, promoter background
  • कर्ज़ की रकम और अवधि - छोटी-राशि पर बाज़ार में अलग दर मिल सकती है। बड़ी राशि पर बैंक और भी कड़े चेक रखता है
  • सरकारी refinance या subsidy rules - कुछ स्थितियों में refinance/ concession से effective cost घट सकती है 

EMI के 3 आसान उदाहरण (तुम्हें स्पष्ट तस्वीर देने के लिए)

गणना standard EMI-फॉर्मूला पर आधारित है (reducing balance)नीचे दिये गए नंबर उदाहरण हैं असली दर बैंक-अनुसार अलग हो सकती है

किसी छोटे कारोबार के लिये - ₹50,000 (Shishu-type)

  • मान कर चलते हैं ब्याज = 10% वार्षिक, अवधि = 3 वर्ष
  • EMI = ₹1,613 प्रति माह, कुल भुगतान = ₹58,081, कुल ब्याज = ₹8,081.

मध्यम-छोटी राशि - ₹2,50,000 (Kishore-type)

  • मान कर ब्याज = 12% वार्षिक, अवधि = 5 वर्ष
  • EMI = ₹5,561 प्रति माह, कुल भुगतान = ₹3,33,667, कुल ब्याज = ₹83,667.

बड़ा व्यापार विस्तार - ₹10,00,000 (Tarun-type)

  • मान कर ब्याज = 13% वार्षिक, अवधि = 7 वर्ष
  • EMI = ₹18,192 प्रति माह, कुल भुगतान = ₹15,28,125, कुल ब्याज = ₹5,28,125.

इन उदाहरणों से साफ़ दिखता है कि ब्याज दर और अवधि दोनों का असर बहुत बड़ा होता है इसलिए दरें और अवधि चुनते समय ध्यान रखें (ऊपर की गणना और ऋण-विवरण बाजार पर दिखने वाले आम दर-रेंज के आधार पर रखे गए उदाहरण हैं) 

ब्याज कैसे कम कर सकते हैं - व्यावहारिक सुझाव

  • कम्पेयर करें: अलग-अलग बैंक/एनबीएफसी के offers देखें और जो सबसे कम effective rate दे रहा है, चुनें 
  • दस्तावेज़ और बिज़नेस-प्लान साफ रखें: अच्छा financial record और सही दस्तावेज़ से बैंक पर आप भरोसा बनाते हैं - कम दर पर नज़र मिल सकती है
  • छोटी अवधि चुनें (अगर संभव हो): अवधि कम करने से कुल ब्याज कम होता है, हालाँकि EMI बढ़ेगी
  • महिला उद्यमियों पर सुविधाएँ देखें: कुछ बैंक महिलाओं को concessional rate देते हैं 

आखिर में - क्या आप सीधे सरकार से ब्याज-छूट उम्मीद कर सकते हैं?

सरकार Mudra-framework देती है और कई बार refinance/ incentive rules के जरिये बैंक-लोन की किफायती कीमतों को प्रोत्साहित करती है पर अंतिम ब्याज दर हमेशा लेंडर (बैंक/NBFC) तय करेगा इसलिए आपकी ज़िम्मेदारी है कि आप लेंडर से दर स्पष्ट पूछें, ऑफ़र-letter में rate एवं charges चेक करें और तुलना करके ठीक निर्णय लें 

FAQs (आसान और सीधे)

Q: PM मुद्रा लोन की ब्याज दर कितनी होती है?
कोई एक फिक्स्ड दर नहीं है
 ब्याज दर बैंक/लेंडर और आपके बिज़नेस-प्रोफ़ाइल के आधार पर तय होती है आम तौर पर बाजार में ये लगभग 8.8% से 13% के बीच दिखती हैं, पर यह बैंक-वार बदल सकती है

Q: मैं ब्याज दर कैसे कम कर सकता/सकती हूँ?
अलग-अलग बैंक के ऑफर तुलना करें, पूरे और साफ़ दस्तावेज दें, अच्छा बिज़नेस-प्लान दिखाएँ, और यदि संभव हो तो छोटा-सी अवधि चुनें
 ये सब दर घटाने में मदद कर सकते हैं कुछ बैंक महिलाओं या विशेष श्रेणी के लिए concession देते हैं 

Q: क्या PM मुद्रा लोन पर कोई सरकारी सब्सिडी (interest subsidy) मिलती है?
सीधे PMMY फ्रेमवर्क खुद ब्याज-सब्सिडी नहीं देता
 ब्याज अंतिम रूप से बैंक तय करते हैं पर सरकार समय-समय पर refinance या अन्य प्रोत्साहन दे सकती है जिससे कुछ स्थितियों में effective cost घट सकता है इसकी जानकारी बैंक/सरकारी नोटिस में देखें

Q: क्या सभी बैंकों में एक-सा तरीका (benchmark + spread) लगता है?
नहीं, कुछ बैंक अपनी दरें Base rate/EBLR/RLLR + spread के आधार पर रखते हैं, कुछ सीधे fixed-rate भी दे सकते हैं इसलिए जिस बैंक से लोन लेना है, उसकी rate-structure पूछ लें और sanction-letter में लिखवाएँ

Conclusion (निष्कर्ष)

PM मुद्रा लोन का ब्याज फ़िक्स्ड नहीं होता यह उस बैंक/ lender और आपके कारोबार-प्रोफ़ाइल पर निर्भर करता है आम तौर पर बाजार में Mudra-loan की दरें 8.8% से 13% (और कुछ मामलों में उससे ऊपर) तक देखने को मिलती हैं इसलिए आवेदन से पहले अलग-अलग बैंकों के offers कन्फर्म करें और EMI-उदाहरण देख कर निर्णय लें Mudra की आधिकारिक साइट और बैंक-पेज हमेशा चेक करें, यही सबसे भरोसेमंद तरीका है

Resources (आधिकारिक / उपयोगी लिंक)

  • MUDRA (official): offerings and scheme details. (Mudra)
  • BankBazaar: Mudra loan typical interest & bank comparisons. (BankBazaar)
  • Paisabazaar: Mudra loan interest rates (market snapshot). (Paisabazaar)
  • SBI: PMMY / Mudra pages (pricing linked to EBLR / product details). (State Bank of India)
  • Bank of Maharashtra: Mudra pricing example (RLLR + spread). (Bank of Maharashtra)


Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है वास्तविक ब्याज दरें बैंक-विशेष और समय-विशेष हो सकती हैं लोन लेने से पहले संबंधित बैंक/लेंडर की आधिकारिक पेज पर जाकर उनकी वर्तमान दरें और शर्तें जाँच लें आवश्यक हो तो प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें


Read: MUDRA Loan Yojana: ₹10 Lakh तक का Business Loan कैसे लें? | Eligibility, Documents & Online Apply

Rajwinder Singh

मैं राजविंदर सिंह, LoanKaGyan.online का लेखक हूँ। यहाँ मैं personal finance और loans पर आसान हिंदी में भरोसेमंद जानकारी साझा करता हूँ। जैसे Bank Loan, Loan App, Student Loan, Consumer Loan और Loan Schemes.

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने