मोबाइल ऐप्स पर मिलने वाले लोन बहुत तेज़ मिलते हैं - पर चुकाना भी ज़रूरी है। अगर आप किस्त (EMI) समय पर नहीं चुकाते, तो इसका असर सिर्फ पैसे पर नहीं बल्कि आपके भविष्य के क्रेडिट, शांति और कानूनी स्थिति पर भी पड़ता है। नीचे सरल और सीधा-सस्ता तरीका है- क्या होता है, क्यों होता है और क्या करें।
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| ऐप लोन नहीं चुकाने पर क्या होता है? - नुकसान, कानूनी असर और तुरंत करने योग्य उपाय |
1) पहले महीने: लेट-फीस और बढ़ती राशि
यदि आप किस्त समय पर नहीं चुकाते तो लेंडर लेट-फीस (penalty) या overdue interest लगा देते हैं। यह आम नियम है - बकाया बढ़ने लगता है और अगली किस्त और भारी दिखेगी। बैंक/लेंडर ऐसी penal charges और overdue interest का नियम बताते हैं। (ICICI Bank)
2) कुछ दिनों में: रिमाइंडर और कॉल-संदेश आते रहेंगे
कई बैंकों में भुगतान न होने पर रिमाइंडर भेजे जाते हैं - SMS, ईमेल, कॉल और कभी-कभी पत्र भी। यदि समय पर आप जवाब न दें,
तो कलेक्शन नोटिस भेजा जा सकता है। यह प्रक्रिया बैंक के टर्म्स में लिखी रहती है। (State Bank of India)
3) क्रेडिट स्कोर पर असर (बहुत महत्वपूर्ण)
एक या दो बार लेट होने से आपका क्रेडिट स्कोर गिर सकता है। क्रेडिट स्कोर गिरने का मतलब है - भविष्य में लोन मिलना मुश्किल या महंगा हो जाना। बैंक/क्रेडिट एजेंसियाँ देरी की रिपोर्ट करती हैं और यह रिपोर्ट आपके क्रेडिट रेकॉर्ड में दर्ज हो जाती है। लंबी देर पर यह नुकसान और बड़ा हो जाता है।
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4) यदि किश्त 90–180 दिन ऊपर बकाया रही - NPA और गंभीर असर
अगर आपका भुगतान कई महीनों तक बकाया रह जाता है,
तो बैंक उसे Non-Performing Asset (NPA) मान सकते हैं। RBI की परिभाषा और बैंक नियमों के मुताबिक NPA की श्रेणी में आने पर बैंक खाते को लिखत में अलग दर्शाते हैं - इससे बैंक के साथ आपका रिलेशन और कमजोर हो जाता है और रिकवरी-प्रोसेस तेज़ हो सकता है।
5) कानूनी कदम और रिकवरी (सावधानी)
कड़ी देर पर बैंक कानूनी नोटिस भेज सकते हैं और अगर मामला बहुत आगे बढ़ा तो कोर्ट-आधारित रिकवरी भी संभव है। बैंक कभी-कभी संपत्ति ज़ब्त करने या कोर्ट से आदेश लेकर वेतन कटौती जैसी कार्रवाई करवा सकते हैं। यह आमतः तब होता है जब डिफॉल्ट बहुत लंबा हो और समाधान न निकले। (HDFC Bank)
6) डिजिटल-लेंडिंग ऐप्स पर विशेष निर्देश
डिजिटल लेंडिंग (mobile lending apps) के लिए RBI के दिशानिर्देश हैं - किस तरह के ऐप डिजिटल लेंडिंग के दायरे में आते हैं और उन्हें क्या नियम मानने होंगे। इसलिए ऐप लोन लेते समय यह जानना ज़रूरी है कि ऐप RBI के मानकों का पालन करता है या नहीं। अनाधिकृत/असत्यापित ऐप से सावधान रहें। (Reserve Bank of India)
7) मानसिक और सामाजिक असर
लोन डिफ़ॉल्ट केवल आर्थिक नहीं होता - लगातार कॉल,
नोटिस और बढ़ती देनदारी से तनाव बढ़ता है। कई बार पारिवारिक तनातनी भी होती है। इसलिए समस्या को जल्दी संभालना बेहतर होता है।
तुरंत क्या करें — आसान और असरदार कदम (Step-by-step)
- लेंडर से तुरंत संपर्क करें - सच बताइए और समाधान पूछिए। बैंक/लेंडर अक्सर restructuring, grace period या EMI re-schedule की सुविधा दे सकते हैं। जल्दी बात करने से समाधान मिलना आसान होता है।
- बजट जल्दी सही करें - जरूरी और गैर-ज़रूरी खर्च अलग करें। EMI के लिए प्राथमिकता दें।
- क्रेडिट रिपोर्ट चेक करें - Credit Bureau (CIBIL आदि) पर अपना रिकॉर्ड देखें। अगर कोई त्रुटि हो तो सुधार कराएं।
- ब्याज और पेनल्टी समझिए - लेंडर से पूछें कि कितनी extra charges लग रही हैं और उसे किस तरह कम किया जा सकता है (part payment, settlement इत्यादि)।
- कानूनी सलाह लें (यदि नोटिस आया हो) - यदि नोटिस/कानूनी कार्रवाई हुई है तो वकील या वित्तीय सलाहकार से बात करें। जल्दबाजी में निर्णय न लें।
FAQs
Q1.क्या ऐप लोन नहीं चुकाने पर मुझे जेल हो सकता है?
नहीं - आमतौर पर लोन न चुकाने पर जेल नहीं होता,
जब तक कि धोखाधड़ी या जानबूझकर फर्जीवाड़ा न हुआ हो। अधिकतर मामलों में लेंडर सिविल रिकवरी,
नोटिस या कोर्ट की प्रक्रिया अपनाते हैं।
Q2.अगर मैं किस्त नहीं दे पाया तो ऐप वाली कंपनी कैसे-किस तरह संपर्क करेगी?
क्या वे गलती से मेरा फ़ोन ब्लॉक कर सकते हैं?
वे कॉल,
SMS और नोटिस भेज सकते हैं और कभी-कभी संग्रह (recovery) एजेंसियाँ भी भेज देते हैं। किसी भी ऐप का कोई भी व्यवहार अवैध नहीं होना चाहिए - अगर कोई धमकी,
गाली-गलौच या डेटा दुरुपयोग करे तो पुलिस/साइबरसेल में शिकायत कर सकते हैं और बैंकिंग/आरबीआई की शिकायत विकल्प देखें।
Q3.क्या मेरे क्रेडिट स्कोर पर फर्क पड़ेगा?
और इसे कैसे ठीक करूँ?
हाँ - देर से भुगतान या डिफॉल्ट से क्रेडिट स्कोर गिरता है। इसे ठीक करने के लिए जल्द से जल्द बकाया चुकाएँ,
लेंडर से लिखित में निपटान (settlement) या रीकंस्ट्रक्चर की जानकारी लें और अपना क्रेडिट रिपोर्ट चेक कराकर गलतियाँ ठीक कराएँ।
Q4.अगर मैं सच में भुगतान नहीं कर पा रहा तो अभी सबसे पहला कदम क्या होना चाहिए?
तुरंत लेंडर से संपर्क करें और स्थिति बताएं - कई लेंडर restructuring, EMI holiday या part-payment की पेशकश कर देते हैं। साथ ही खर्च घटाएँ,
प्राथमिकता से EMI हेतु पैसे अलग रखें और जरूरी हो तो वित्तीय सलाहकार से बात लें।
निष्कर्ष
ऐप लोन समय पर न चुकाने से शुरुआत में लेट-फीस और ब्याज बढ़ता है,
बीच में क्रेडिट-स्कोर पर असर पड़ता है,
और लंबे समय में NPA/कानूनी समस्या बन सकती है। सबसे अच्छा रास्ता है - समय रहते संपर्क कर के समाधान माँगना और अपने खर्च-बजट को ठीक करना। छोटे-छोटे कदम (बजट,
बैंक से बात,
क्रेडिट रिपोर्ट चेक) आपके बहुत काम आते हैं।
Resources (केवल आधिकारिक बैंक / RBI स्रोत)
- Reserve Bank of India - NPA और बैंकिंग दिशा-निर्देश. (Reserve Bank of India)
- State Bank of India - Personal Loan Terms & Conditions / Default-related clauses. (State Bank of India)
- HDFC Bank - Loan repayment और default से जुड़े गाइड. (HDFC Bank)
- Axis Bank - क्या करें जब EMI मिस हो जाए, और देरी के नतीजे. (Axis Bank)
- ICICI Bank - Penal charges और late payment terms. (ICICI Bank)
Disclaimer (अहम): यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी विशेष कानूनी या वित्तीय समस्या के लिए अपने बैंक, प्रमाणित वित्तीय सलाहकार या वकील से सीधे सलाह लें। बैंक-विशेष नियम अलग-अलग हो सकते हैं - इसलिए अपनी लोन एग्रीमेंट और बैंक की आधिकारिक नोटिस ध्यान से पढ़ें।
Read: Instant Loan Apps Safe हैं या नहीं? RBI Registered Apps List और Fraud से बचने के Tips
