जब आप 1,00,000 रुपये का लोन लेते हैं तो सबसे बड़ा सवाल यही होता है - मुझे कुल कितना ब्याज देना होगा? और हर महीने कितनी किस्त (EMI) देनी होगी? यहां मैं बिल्कुल सरल भाषा में बताऊँगा कि ब्याज़ कैसे काम करता है, EMI कैसे निकालते हैं और कुछ आम-सी स्थितियों के अमलिक (practical) उदाहरण दिखाऊँगा। ताकि आप समझकर सही फैसला ले सकें।
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| 100000 लोन लेने पर कितना ब्याज लगेगा? - आसान गणना और उदाहरण (India) |
ब्याज और EMI का आसान-सा नियम (बिना जटिल गणित के)
लोन पर जो आप हर महीने दे देते हैं उसे EMI कहते हैं (Equated Monthly Instalment)। EMI दो चीज़ों से बनती है -मूलधन (principal) और उस पर लगे हुए ब्याज से। बैंकों/लेंडरों के हिसाब से EMI आम तौर पर रिड्यूसिंग-बैलेंस मेथड (reducing balance) पर निकलती है और उसकी सही फॉर्मूला इस तरह है (बैंक/कैलकुलेटर भी यही इस्तेमाल करते हैं)।
EMI फॉर्मूला (संक्षेप):
EMI = [P × r × (1+r)^n] ÷ [(1+r)^n − 1]
यहाँ P = लोन राशि, r = मासिक ब्याज दर (वार्षिक दर ÷ 12 ÷
100), n = कुल मासिक किस्तें।
वास्तविक दुनिया - ब्याज दरें (कितनी आम हैं?)
पर्सनल लोन के लिए बैंक और NBFCs सामान्यतः अलग-अलग दरें रखते हैं। 2024–25 के आसपास प्रमुख बैंकों की शुरुआती किस्म के रेंज कुछ इस तरह रही हैं। निचला रेट ~9.99% से लेकर 15%+ तक (ग्राहक की क्रेडिट प्रोफाइल, बैंक नीति और प्रसादानुसार बदलता है)। उदाहरण के लिए कुछ बैंकों की आधिकारिक जानकारी में personal loan के रेट 10% के आस-पास से लेकर 15% तक दिखते हैं। इसलिए हम नीचे अलग-अलग रेट पर गणना करेंगे ताकि आपको स्पष्ट तस्वीर मिल सके।
Read: Loan Application Reject होने के Main Reasons और Next Steps क्या हैं?
1,00,000 रुपये - तीन आम उदाहरण (EMI और कुल ब्याज)
नीचे तीन अलग-अलग वार्षिक ब्याज दरों (10%, 12%, 15%) और तीन अलग-अलग अवधी (1 साल = 12 महीना, 2 साल = 24 महीना,
3 साल = 36 महीना) पर EMI और कुल भुगतान दिखा रहा हूँ। गणना reducing-balance फॉर्मूला के आधार पर की गयी है (सटीकता के लिए बैंक-कैलकुलेटर में अपनी exact rate/fees डालें)।
(नोट: नीचे की संख्याएँ उदाहरणात्मक हैं - बैंक की वास्तविक EMI थोड़ी अलग हो सकती है यदि processing fee, GST या अन्य charges जोड़ें।)
| वार्षिक ब्याज (%) | अवधि (महीने) | EMI (₹) | कुल भुगतान (₹) | कुल ब्याज (₹) |
|---|---|---|---|---|
| 10% वार्षिक दर |
12 1 साल |
₹8,791.59 | ₹1,05,499.06 | ₹5,499.06 |
| 10% वार्षिक दर |
24 2 साल |
₹4,614.49 | ₹1,10,747.82 | ₹10,747.82 |
| 10% वार्षिक दर |
36 3 साल |
₹3,226.72 | ₹1,16,161.87 | ₹16,161.87 |
| 12% वार्षिक दर |
12 1 साल |
₹8,884.88 | ₹1,06,618.55 | ₹6,618.55 |
| 12% वार्षिक दर |
24 2 साल |
₹4,707.35 | ₹1,12,976.33 | ₹12,976.33 |
| 12% वार्षिक दर |
36 3 साल |
₹3,321.43 | ₹1,19,571.52 | ₹19,571.52 |
| 15% वार्षिक दर |
12 1 साल |
₹9,025.83 | ₹1,08,309.97 | ₹8,309.97 |
| 15% वार्षिक दर |
24 2 साल |
₹4,848.66 | ₹1,16,367.96 | ₹16,367.96 |
| 15% वार्षिक दर |
36 3 साल |
₹3,466.53 | ₹1,24,795.18 | ₹24,795.18 |
इन उदाहरण से आप क्या सीखें?
- छोटी अवधि (1 साल) : EMI बड़ी होगी, पर कुल ब्याज कम। यदि आप 1 साल में चुका सकते हैं और EMI वहन कर सकते हैं तो यह सस्ता पड़ता है।
- लंबी अवधि (2–3 साल) : EMI कम दिखेगी (माहवार बोझ हल्का), पर कुल ब्याज बहुत बढ़ जाएगा।
- ब्याज दर का बड़ा असर : 10% से 15% पर जाने से 3 साल की अवधि में कुल ब्याज ₹16k से ₹24.8k तक जा सकता है , इसलिए rate में फर्क महत्वपूर्ण है।
ध्यान रखें
- Processing fee / Origination charges: कई बैंकों पर लोन लेने पर processing fee साथ में लगेगा, जो कभी-कभी 0.5%–2% तक हो सकता है। यह राशि EMI में नहीं दिखेगी पर कुल लागत बढ़ा देती है। (कुछ बैंक प्रचार के दौरान फ्रॉ-फीस 0 भी रखते हैं)।
- Prepayment / Foreclosure charges: कुछ लोन में पहले चुकाने पऱ शुल्क लग सकता है (हालाँकि कई बैंक अब personal loan पर prepayment charges नहीं लेते)। शर्तें बैंक-वेरिए करती हैं।
- Insurance / Add-ons: कई बार lenders loan-insurance offer करते हैं , लेना है या नहीं, विचार करें क्योंकि इसकी प्रीमियम अलग होगी।
- Effective Annual Rate (APR): बैंक द्वारा बताई गई वार्षिक दर और वास्तविक प्रभावी दर में थोड़ा अंतर हो सकता है (compounding के कारण)। RBI और बैंक के पन्नों पर APR की जानकारी देखें।
सही फैसला लें - सरल कदम
- अपनी क्षमता जाँचें: क्या आप ज्यादा EMI महीनेभर दे सकते हैं? अगर हाँ, छोटी अवधि लें। नहीं तो मध्यम अवधि पर विकल्प देखें।
- ब्याज दर तुलना करें : एक ही राशि के लिए कम दर वाले लोन पर प्राथमिकता दें। विभिन्न बैंकों/एनबीएफ़सी का rate और processing charges चेक करें।
- कुल लागत देखें : सिर्फ EMI न देखें - processing fee, GST, prepayment penalty और insurance जोड़कर कुल राशि देखें।
- क्रेडिट स्कोर सुधारें : बेहतर CIBIL/क्रेडिट स्कोर से आपको कम ब्याज दर मिल सकती है, आवेदन से पहले स्कोर चेक कर लें।
- EMI-कैलकुलेटर का इस्तेमाल करें : बैंक की ऑफिशियल EMI-कैलकुलेटर में अपनी exact rate डालकर सटीक संख्या निकालें। (HDFC/ICICI/Axis जैसे बैंक चाहते हैं तो ऑनलाइन EMI tools देते हैं)।
FAQs
Q: 1,00,000 का लोन लेने पर ब्याज दर क्या तय करती है?
ब्याज दर तय करती है कि आप कुल मिलाकर कितना अधिक लौटाएँगे। बैंक/एनबीएफसी आपकी इनकम, क्रेडिट
स्कोर (CIBIL), नौकरी-स्थिरता और लेंडर की नीति देखकर
दर तय करते हैं।
अच्छी क्रेडिट हिस्टरी
होने पर कम दर मिल सकती है।
Q: EMI कम करने के लिए क्या कर सकता/सकती हूँ?
EMI कम करने के लिए अवधि बढ़ा सकते हैं (महीनों की संख्या बढ़ाएँ)। पर कुल ब्याज बढ़ेगा। दूसरी
ओर, अगर
संभव हो तो कम अवधि लें और अधिक EMI दें। इससे कुल ब्याज कम होगा। सबसे अच्छा तरीका यह है कि अलग-अल्ग बैंक/लेंडर के रेट और processing fee की तुलना करें।
Q: क्या लोन जल्दी चुकाने (prepayment) पर सज़ा या चार्ज लगता है?
कुछ लेंडर्स पर prepayment
या foreclosure
चार्ज लगाते हैं, तो कुछ नहीं।
Personal loan पर अक्सर
prepayment charges कम या न के बराबर रहते
हैं, पर शर्तें लेंडर
पर निर्भर
होती हैं, इसलिए लोन एग्रीमेंट में यह हिस्सा ध्यान से पढ़ें।
Conclusion (निष्कर्ष)
1 लाख रुपये का लोन लेते समय कुल ब्याज और EMI आपकी चुनी हुई ब्याज दर और अवधि पर निर्भर करेगा। छोटी अवधि पर कुल ब्याज कम होता है पर मासिक बोझ अधिक होता है; लंबी अवधि पर EMI कम पर कुल ब्याज ज़्यादा होता है। इसलिए अपनी मासिक आय और बचत योजना के हिसाब से सही मिश्रण चुनें और लोन लेने से पहले APR, fees और शर्तें पूरी तरह समझ लें। बैंक-कैलकुलेटर से एक-दो विकल्प आजमा कर तुलना कर लें, इससे आपको स्पष्टता मिलेगी।
Resources (आधिकारिक / बैंक और RBI)
- HDFC Bank : EMI और Personal Loan जानकारी (EMI formula & calculators). (HDFC Bank)
- State Bank of India (SBI) : Personal Loan rates and product page. (State Bank of India)
- ICICI Bank : Personal Loan interest rates & details. (ICICI Bank)
- Axis Bank : EMI calculator और EMI समझने की जानकारी. (Axis Bank)
- Reserve Bank of India (RBI) : नीतियाँ और ग्राहक शिक्षा (loan related guidelines). (Reserve Bank of India)
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। वास्तविक EMI और कुल ब्याज आपकी बैंकींग शर्तों, ब्याज दर, processing fee और व्यक्तिगत प्रोफ़ाइल (CIBIL, आय आदि) पर निर्भर करेगा। लोन लेने से पहले संबंधित बैंक/लेंडर की आधिकारिक शर्तों को ध्यान से पढ़ें और ज़रूरत हो तो प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।
